Events

Events


 

MOU between BRAUSS and AIGGPA (Atal Bihari Vajpayee Institute of Good Governance and Policy Analysis) Bhopal

राजभवन में नव नियुक्त महामहिम से सादर भेंट कर, विश्वविद्यालय की प्रगति से अवगत करवाया और शुभकामनाएँ प्राप्त की।

MOU between BRAUSS and Army War College MHOW is Historical - Prof. Asha Shukla

As part of the expansion and wide spread of Academic Excellence a Memorandum of Understanding (MOU) was signed by Prof. Asha Shukla Vice Chancellor Dr. B.R. Ambedkar University of Social Sciences, MHOW and Lt. General VS Sreenivas, commandant , Army War College, MHOW keeping the Covid-19 protocols in mind.The Army War College, Mhow is a tactical training and research institution of the Indian Army Government of India, Ministry of Defence, Head Quarter located at MHOW. This academic achievement between the country's first government social science university and the Army War College MHOW has historical significance and hall mark Sign with importance of repute in the academic history of the university. It’s the outcome of relentless efforts, pursuance and great diplomacy of our dedicated, enthusiastic and Visionary Leader Hon’ble Vice Chancellor Prof. Asha Shukla that in one months of time two MOU’s has been signed between BRAUSS and the Ministry of Defence, Government of India.Initially, all ranks will be eligible to register in the Ph.D. programme, Diploma course in Human Rights and Certificate Course in Yoga. Subsequently the scope will be increased to other course as well. The MOU is particularly significant as BRAUSS is the only Social Science university in India can offer courses in streams such as Human Rights, Disaster Management, etc. which are very relevant for the Indian Army . She complimented all the members of BRAUSS, Lt. General VS Sreenivas, commandant AWC and all Army Officers who put their great efforts for making the MoU Successful and conveyed her good wishes to personnel who would enroll in the various courses.Speaking on the occasion, Prof. Asha Shukla said that this is the beginning of extensive work to be done for the upliftment of the nation as well as society by the joint efforts of both the academic and research activities related to social responsibility and the Army War College MHOW dedicated for the nation building. She expressed that the new beginning with the Army War College MHOW will provide a better academic and ideological vision among the hard-working personnel engaged in social science and national security.The momentous occasion will go a long way in enhancing the professional education of a large section of Officer, other ranks and Civilian staff”, the Commandant said.The University has previously signed MoU with Madhya Pradesh Police Academy, Bhopal for conducting M. A. in Police Administration as well as Certificate and Diploma Courses in Office Management and Procedures for Infantry School Mhow.

ब्राउस और आर्मी वॉर कॉलेज महू के बीच सम्पन्न एमओयू ऐतिहासिक-प्रो. आशा शुक्ला

आर्मी वॉर कॉलेज महू के साथ एमओयू कर अकादमिक विस्तार देने वाला पहला विश्वविद्यालय बना ब्राउस 16/04/21ब्राउस,महू। अकादमिक उत्कृष्टता और विस्तार के क्रम में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू और आर्मी वॉर कॉलेज महू के बीच कोरोना प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए एमओयू साइन किया गया। ब्राउस कुलपति प्रो. आशा शुक्ला तथा कमांडेंट आर्मी वॉर कॉलेज , लेफ्टिनेट वी. एस. श्रीनिवास द्वारा यह महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किया गया। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के आधीन आर्मी वॉर कॉलेज, महू भारतीय सेना के रणनीतिक कौशल प्रशिक्षण तथा शोध आधारित संस्थान है। जिसका मुख्यालय महू है। देश के पहले शासकीय सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय और आर्मी वॉर कॉलेज के बीच अकादमिक उद्देश्यों के विस्तार को लेकर होने वाला यह एमओयू विश्वविद्यालय के इतिहास की गौरवपूर्ण उपलब्धि है। आर्मी वॉर कॉलेज के साथ अकादमिक गतिविधियों को विस्तार देने वाला यह देश का पहला विश्वविद्यालय भी बना है। यह उपलब्धि एक लंबे प्रशासनिक प्रयास और उद्देश्यपूर्ण कोशिशों के साथ विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति महोदया प्रो. आशा शुक्ला के दूरदर्शी नेतृत्व और विश्वविद्यालय की प्रगति को लेकर उनके विजन का परिणाम है। एक माह के भीतर ही रक्षा मंत्रालय से जुड़े दो संस्थाओं के साथ एमओयू सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। शुरुआती समय में आर्मी वॉर कॉलेज के सभी रैंक के लोग पीएचडी., मानवाधिकार एवं योग विज्ञान में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स के लिए पात्र होंगे। यह अकादमिक विस्तार धीरे-धीरे अन्य पाठ्यक्रमों के जरिये होगा। ब्राउस देश का पहला सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय है और साथ ही मानवाधिकार, आपदा प्रबंधन सहित कई ऐसे पाठ्यक्रमों से भारतीय सेना के लोगों को जोड़ने का कार्य करेगा जो सेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर प्रो. आशा शुक्ला ने कहा कि हम साझा अकादमिक और शोध गतिविधियों भारतीय सेना और समाजविज्ञान के विभिन्न अनुशासनों के बीच अंतरसंबंध स्थापित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य कर पाएंगे। हमारा उद्देश्य सशक्त समाज और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ लोगों को तैयार करना है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सफलता और साझा प्रयासों से सम्पन्न हुए एमओयू के लिए लेफ्टिनेट वी. एस. श्रीनिवास सहित आर्मी वॉर कॉलेज के सभी संबंधितों को बधाई देने के साथ विभिन्न पाठ्यक्रमों में पंजीकृत लोगों को शुभकामनाएं प्रेषित किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेट वी. एस. श्रीनिवास ने कहा कि इस उपलब्धि के उपरांत हमारे कई अधिकारी, कर्मचारी और सिविल स्टाफ विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर प्रोफेशनल कोर्स कर अकादमिक लाभ ले सकेंगे।

130th Birth Anniversary of Babasaheb Dr. B. R. Ambedkar

National Webinar on “Education , Gender and Sustainable Development : Dr. Ambedkar’s Vision and Current policies” Jointly organized by School of Dr. Ambedkar Thoughts & Philosophy , School of Social Sciences, IQAC and Directorate RET, BRAUSS from Date-12-13 April, 2021

130 वें भारत रत्न बाबासाहेब डाॅ. भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम

दिनांक 13 अप्रैल, 2021 को संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबासाहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जी जयंती पर विश्वविद्यालय में रात्रि को माननीय मंत्री सुश्री उषा जी ठाकुर द्वारा माननीय कुलपति महोदया, कुलसचिव महोदय एवं सहायक कुलसचिव की उपस्थिति में सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले पट्टिका का अनावरण किया गया। साथ ही परिसर में स्थित डाॅ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी की प्रतिमा एवं बुद्ध प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

आज दिनांक 14 अप्रैल, 2021 को सुबह प्रातः 8.30 बजे संकायाध्यक्ष प्रो. डी.के. वर्मा जी एवं अन्य संकाय सदस्यों की उपस्थिति में परिसर में स्थित डाॅ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी की प्रतिमा एवं बुद्ध प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सभी ब्राउस परिवार को माननीय कुलपति महोदया की ओर से भारत रत्न बाबासाहेब डाॅ. भीम राव अम्बेडकर जी की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएँ। आज सुबह 11.00 बजे सुश्री कविता पाटीदार जी द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। उसके बाद 11.15 को श्री बी. आर. नायडू, आई.ए.एस. सेवानिवृत्त एडिशनल चीफ सेकेटरी, उच्च शिक्षा जी वर्तमान में महानिदेशक, जन अभियान परिषद्, भोपाल द्वारा डाॅ. बाबासाहेब अम्बेडकर जी की प्रतिमा एवं बुद्ध प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई।

Chief Guests member of Parliament Shankar Lalwani and Prof Asha Shukla

Chief Guests member of Parliament Shankar Lalwani and Prof Asha Shukla, Vice Chancellor, Dr B.R. Ambedkar University of Social Sciences, Mhow along with other guests Regional Business Head of Omaxe Ltd's , Vineet Sharma , Vishisht School of Management's Naveen Narang and Anas Iqbal and Indian Biodiesel and Energy's SS Kabir felicitated Women of Substance with FP Ahilya Awards by Free Press in association with Omaxe Limited. Many Many congratulations to Respected Madam, Prof. Asha Shukla

ब्राउस और इन्फेन्ट्री स्कूल के मध्य एम.ओ.यू. ऐतिहासिक क्षण- प्रो. आशा शुक्ला

19 मार्च, 2021

19/03/2021 अकादमिक उत्तकृष्टता के साथ विस्तार के क्रम में आज डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू एवं इन्फेन्ट्री क्लर्कस ट्रैनिग विंग, दी इन्फेन्ट्री स्कूल महू के मध्य ब्राउस की कुलपति प्रो. आशा शुक्ला एवं कमाॅडेंट एण्ड ग्रांड दी इन्फेन्ट्री स्कूल पी.ए. आनंदनाथन की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। यह विशिष्ट कार्यक्रम सोमनाथ हाॅल इन्फेन्ट्री स्कूल महू में सम्पन्न हुआ। देश के पहले शासकीय सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय एवं इन्फेन्ट्री स्कूल के बीच होने वाले इस अकादमिक उपलब्धि का ऐतिहासिक महत्व है। स्कूल आॅफ मैनेजमेन्ट साइंस ब्राउस के सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा इन आॅफिस मैनेजमेन्ट एण्ड प्रोसीडर्स पाठ््यक्रम इसके तहत संचालित किए जा जाएंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशा शुक्ला ने अपने उद्बोधन में बताया कि यह सामाजिक दायित्वबोध से जुड़ी अकादमिक गतिविधियों और राष्ट्र के प्रति समर्पित इन्फेन्ट्री स्कूल दोनों के साझा प्रयासों से राष्ट्र एवं समाज के उत्थान हेतु किए जाने वाले व्यापक कार्यों की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश की पुलिस अकादमी के साथ जुड़कर एम.ए. इन पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इन्फेन्ट्री स्कूल के साथ हमारी यह नई शुरूआत समाज विज्ञान और राष्ट्रीय सुरक्षा में लगे कर्मठ जवानों के बीच एक बेहतर अकादमिक और वैचारिक दृष्टि प्रदान करेगी। कुलपति महोदया ने कहा कि विश्वविद्यालय की तरफ से इस पूरे कार्यक्रम को संचालित करने हेतु नोडल आॅफिसर के रूप में डॉ. विन्दिया तातेड़ को नामित किया गया। उन्होंने इस विशेष अवसर हेतु कमाॅडेंट एण्ड ग्रांड पी.ए. आनंदनाथन के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय की तरफ से हर स्तर पर अकादमिक सहयोग के लिए आश्वस्त किया।

इस अवसर पर कमाॅडेंट एण्ड ग्रांड पी.ए. आनंदनाथन ने अपने उद््बोधन में कहा कि हमारे लिए यह बहुत ही गर्व की बात है कि संविधान निर्माता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की जन्म स्थली पर स्थापित यह सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय उन्हीं के नाम पर है। डाॅ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के साथ एमओयू साइन करना बहुत ही गौरवशाली क्षण है। उन्होंने कहा युद्ध केवल हाथियारों से ही नही बल्कि ज्ञान और कौशल के साथ जीता जाता है। सूचना और ज्ञान रचनात्मक सोच को विस्तार देता है। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय ज्ञान का वह खुला आकाश प्रदान करेगा जिससे हमारे जवानों को युद्ध कौशल के साथ-साथ रचनात्मक सोच, सूचनाविज्ञान प्रबंधकीय कौशल के साथ तमाम सारी चीजों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशा शुक्ला को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आश्वस्त किया कि इस एमओयू के जरिए हम दूरगामी परिणाम हासिल करेंगे।

इस अवसर पर कुलसचिव श्री अजय वर्मा, डीन प्रो. डी. के. वर्मा, डीन डॉ. मनीषा सक्सेना, सहायक कुलसचिव श्रीमती संध्या मालवीय, डॉ. विन्दिया तातेड़, डॉ.शैलेन्द्र मिश्रा, डॉ. मनोज गुप्ता मेजर ज. संजीव डोगरा, डिप्टी कमांडेंट ब्रिज वी एन सावंत, ब्रिगेडियर जनरल स्टाॅफ, बिज परिमल पंत, कमांडेंट वेपन एण्ड ट्रायल कर्नल वीरेश थापर, डायरेक्टर फैकल्टी आॅफ स्टडीज कर्नल हरिओम सहित दोनो संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।

MOU between BRAUSS and Infantry School is Historical - Prof. Asha Shukla

19 मार्च, 2021

As part of the expansion of Academic Excellence, a Memorandum of Understanding(MoU) was signed between the Infantry School Mhow and Dr. B.R. Ambedkar University of Social Sciences, MHOW. The MoU was signed by Prof. Asha Shukla, Vice Chancellor, BRAUSS and Lt. Gen. Anandanarayanan, Seva Medal, Commandant, Infantry School, Mhow. This special program was held at Somnath Hall Infantry School, Mhow. This academic achievement between the country's first government social science university and the Infantry School has historical significance. The Certificate and Diploma Courses in Office Management and Procedures will be conducted under the School of Management Studies. On this occasion Prof. Asha Shukla said in her address that this is the beginning of extensive work to be done for the upliftment of the nation and society by the joint efforts of both the academic activities related to social responsibility and the Infantry School dedicated for the Nation. She said that we are conducting M A in Police Administration with the collaboration of M.P. Police Academy. Our new beginning with the Infantry School will provide a better academic and ideological vision among the hard-working personnel engaged in social science and national security. The Vice Chancellor said that Dr. Bindiya Tater has been nominated as the Nodal Officer to conduct this entire program on behalf of the University. Prof. Asha Shukla expressed her gratitude towards Lt. Gen. Anandanarayan for the cooperation and assured him that all academic cooperation will be provided to the Army Personnel for completing the courses.

On this occasion, Lt. Gen Anandanarayanan, Commandant said in his address that it is a matter of great pride for us that we are collaborating with the University named after Dr.B.R. Ambedkar, the father of Indian Constitution at his birth place and signing a MoU with Dr. Ambedkar University of Social Sciences Mhow is a very proud moment. He said that war is won not only with weapons but with knowledge and skill. Information and knowledge expand creative thinking. He expressed the hope that Dr. B. R. Ambedkar University of Social Sciences will provide an open arena of knowledge which will give our jawans an opportunity to learn and understand informatics managerial skills, creative thinking, along with the tactics of War Skills. He expressed gratitude towards Prof. Asha Shukla and assured that this MoU will bring very good and far reaching results.

On this occasion, Maj Gen Sanjeev Dogra Deputy Commandant, Brig VN Sawant, Brigadier General Staff, Brig Parimal Pant, Commander, Weapon & Trial, Colonel Veeresh Thapar, Director, Faculty of Studies, Colonel Harimohit Singh, Colonel Administration, Colonel Rajesh Bharadwaj , Colonel Quartermaster, Colonel Nitin Tripathi, Commanding Officer, ICTW , Lt Col Vishal Singh Bias OIC Museum, Lt Col Yatheeswar M, Instructor Class ‘A’, Maj OP Choudhary , Instructor Class ‘B’and soldiers, Infantry School and Shri Ajay Verma, Registrar, Prof. D.K. Verma, Dean Dr. Manisha Saxena, Dean, Ms.Andhya Malviya, Assistant Registrar and other staff members from the University were present at Somantah Hall to grace the MOU Signing Ceremony.

आजादी अमृत महोत्सव शुभारंभ के अन्तर्गत स्वतंत्रता संग्रामीयों को स्मरण“- वेब व्याखयान

12 मार्च, 2021

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा 12 मार्च, 2021 को टंट्या भील पीठ के प्रथम आयोजन पर आजादी अमृत महोत्सव शुभारंभ के अन्तर्गत स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी योद्धा टंट्या मामा विषय पर विशिष्ट वेब व्याखयान का आयोजन किया गया । श्री लक्ष्मीनारायण पयोधि, पूर्व विशेषज्ञ सलाहकार, आदिम जाति कल्याण विभाग मध्यप्रदेश शासन, भोपाल मुख्य वक्ता । कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. डी. के. वर्मा, डीन द्वारा प्रस्तावना वक्तव्य एवं अतिथि परिचय दिया गया साथही स्वतंत्रता सेनानी चंद्र शेखर आजाद की जनम स्थली आजाद नगर भाभरा में भी विशिष्ट कार्यक्रम आयोजित किया गया । माननीया कुलपति महोदया द्वारा अपने विचार व्यक्त किये गए 15, 20 दिन पूर्व राज्यसरकार ने हमे दो पीठ दिये है जिनका नाम है टंट्या मामा पीठ एवं महाराणा प्रताप पीठ जिससे हमारे शोधार्थी एवं विद्यार्थी लाभंवित होंगे। व्यक्ति रहें या न रहे स्वतंत्रता सेनानी की अमर गाथा सदेव चिरणस्मरणीय रहती है। आजादी अमृत महोत्सव यह विषय समाज में ऋण से कुऋण होने की प्रक्रिया है इस विषय का हम विस्तार करेंगे और इसे आगे बढाएंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रो. अजय वर्मा, सहायक कुलसचिव संध्या मालवीय भी कार्यक्रम में जुड़े ।कार्यक्रम का संचालन डॉ.बिंदिया तातेड़ ने किया ।

Third Convocation Conducted at BRAUSS, MHOW

The Third convocation ceremony of Dr. B.R. Ambedkar University of Social Science, Mhow was organised on 19.2.2021 under the Chairpersonship of Smt. Anandiben Patel, H.E the Governor of M.P. and the Chancellor of the University. Sushri Usha Thakur, Hon'ble Minister, Department of Tourism, Culture was the Chief Guest of the Ceremony. Prof. Sachchidan and Joshi, Member Secretary, IGNCA, New Delhi delivered the Convocation Address. Shri Chhatarsingh Darbar, M.P. Dhar and Shri Shankar Lalwani, M.P. Indore were also attended the Ceremony as Special Guests. The Convocation Ceremony was started with garlanding the Statues of Lord Buddha and Dr. Ambedkar by the Distinguished Guests. Hon'ble Vice Chancellor welcomed all guests with Shawls and Shree Phals.

Hon'ble Chancellor Madam has stated in her address that education is bound to be done by supporting parents and family. There are also families in the society whose first child in the family is getting a doctorate degree is the result of the hard work of their parents that he has got degree. For a self-reliant India, first we have to become self- sufficient for which you will have to train ourself.

H.E. the Governor further said that the person who is seeking employment is not going to give employment to other people. Education should not be merely getting Degree but earning ability to serve the society. Intellectual personalities like Dr. Ambedkar has given a lot of services to the society. There are many obstacles in the society, but we do not have to give up. She said that Dr. Ambedkar University has been established on the basis of Baba Saheb's Philosophy to eradicate social evils like child labor and dowry. "Beti Bachao Beti Padhao slogan called upon the people to spread this campaign. Students are the medium of social change. She urged the students not to commit any mistake that will destroy their career and tarnish the reputation of the family and the society.

While giving the convocation address, Dr Sachchidanand Joshi said that Dr. B.R. Ambedkar University, known as a pilgrimage study centre of social science is definitely playing its important role in nation building. It is a matter of pride that this University has established in the name of versatile and intellectual personality like Dr. Ambedkar at his birth place. It is time and duty of social scientists to boost the morale and restructuring of the society after the crisis of Covid pandemic. The University is functioning as a Nodal Institution in the field of the Social Sciences.

Speaking as the chief guest, Honorable Minister for Tourism, Culture and Spirituality Department, Ms. Usha Thakur Ji said that the rising sun in the east direction, while setting in the west direction, invariably invites its hopeful rays in every particle of India. She said that till the knowledge gained by education initiation does not come to the practical level as knowledge then the dream of a self-respecting India will not be fulfilled. Calling upon the students to say that we will have to work dedicatedly in the progress of the society and then only there will be positive changes in the society.

Vice Chancellor Prof. Asha Shukla while giving the Convocation Advice said that the aim of education is not just to provide students with degrees, but also to refine the society by developing life values of discipline, patience, coexistence among students. She said that in an environment conducive to limited resources in a changing environment, the University is constantly working with its entire team for excellent learning as per the guidelines issued by the UGC.

Honorable Chancellor have distributed fruits baskets to the children during the Ceremony. Inauguration of Statue of Mahatma Gandhi, Campus Road and releasing of various publications including Convocation Souvenir and 13 reports of the webinars were also done during the Ceremony. Prof. D.K. Sharma, Registrar has offered the Vote of Thanks. All Deans, faculty members, officers and employees were also attended the ceremony.

 

ब्राउस में तृतीय दीक्षांत समारोह समापन

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू, का तृतीय दीक्षांत समारोह महामहिम राज्यपाल म.प्र. शासन महोदया श्रीमती आनन्दीबेन पटेल एवं कुलाधिपति, ब्राउस के मुख्य अतिथ्य में दिनांक 19 फरवरी 2021 को आयोजित किया गया। इस अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय मंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन अध्यात्म सुश्री उषा दीदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे साथ ही प्रो. सच्चिदानंद जोशी जी सदस्य सचिव, आई.जी.एन.सी.ए. अतिथि विशिष्ट माननीय छतरसिंह दरबार जी सांसद धार एवं श्री शंकर लालवानी जी सांसद इंदौर उपस्थित रहे। तत्पश्चात् बुद्ध बिहार में डॉ. अम्बेडकर एवं गौतम बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवल एंव माल्यार्पण कर दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम आंरभ हुआ। सर्वप्रथम विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति महोदया द्वारा उपस्थित सम्मानीय अतिथियों का शाॅल, श्रीफल एवं पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।

कुलाधिपति महोदया ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों ने माता पिता का सहयोग करते हुए शिक्षा ग्रहण की है। यही समाज के ऐसे परिवार से भी हैं जिनके परिवार में पहला बच्चा डॉक्टरेट उपाधि ले रहा है परिश्रम का परिणाम है जो डिग्री मिली है समाज में जाकर यह सिद्ध करना है कि हमने जो सीखा है, वह समाज को देना है। तभी समाज मे परिवर्तन आएगा। आत्मनिर्भर भारत के लिए पहले हमे आत्मनिर्भर बनना होगा। जिसके लिए स्वयं प्रशिक्षित होना पडे़गा।

उन्होनें आगे कहा कि रोजगार मांगने वाला नही रोजगार देने वाला बनना है। नई शिक्षा नीति में इस प्रकार की शिक्षा दी जाती है। ‘‘जो स्वयं आपना रास्ता खोजे’’ शिक्षा मात्र उपाधि प्राप्त करना नही होनी चाहिए खुले विचार वाला बने। डॉ. अम्बेडकर जैसे ज्ञानवान विभूतियों ने समाज को बहुत कुछ दिया है। समाज में कई बाधाएं हैं हमें हार नहीं मानना है। हिम्मत जुटानी होगी। सही बात की चर्चा परिवार से होनी चाहिए बदलाव लाने के रास्ते पर चलना है। उन्होने कहा कि बाल श्रमिक तथा दहेज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए ही बाबा साहेब के विचारों पर आधारित यह विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। ‘‘बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं इस अभियान को जन-जन तक फैलाने का आहवान किया। शिक्षा का उद्देश्य जहां गलत हो रहा है वहां विरोध करना चाहिए। जहां सही काम हो रहा है वहां सपोर्ट करना चाहिए। सामाजिक परिवर्तन का माध्यम विद्यार्थी है। युवा शक्ति को इसमें कार्य करना होगा। यशस्वी जीवन के लिए बधाई दी। कोई ऐसी गलती न करें जिससे परिवार व समाज का गौरव कम न हो। विचार करके ही आगे बढ़े।

दीक्षांत उद्बोधन देते हुए सच्चिदानंद जोशी जी ने कहा कि सामाजिक विज्ञान के अध्ययन तीर्थ के रूप में जाने जाना वाला यह विश्वविद्यालय निश्चित रूप से राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आपने कहा कि बहुआयामी युगपुरूष डॉ. बी. आर. अम्बेडकर जी की थी। जन्मभूमि में उनके नाम से प्रारंभ हुए विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर दीक्षित होना। यह गौरव की बात है। आने वाला समय समाज विज्ञानियों का है। कोविड से उपजी त्रासदी के बाद तो यह लगभग तय हो गया है अब समाज का मनोबल बढ़ाने में और समाज की पुनर्रचना करने में समाज विज्ञानियो की भूमिका महत्वपूर्ण निर्णायक होगी। समाज विज्ञान के क्षेत्र में यह वि.वि. नोडल संस्था के रूप मे कार्य करें। अपने दीक्षांत उद्बोधन का समापन करते हुए । मैदान मत छोड़ना ‘कविता के जरिए विद्यार्थी को संदेश दिया।

मुख्य आतिथ्य के रूप में बोलते हुए माननीय मंत्री संस्कृत, पर्यटन एवं आध्यात्म विभाग सुश्री उषा ठाकुर जी ने कहा कि पूर्व दिशा में उगता सूर्य, पश्चिम दिशा में अस्त होते हुए अपने आशाीम सोरभ को नित्य प्रति न्यौछाबर करता है भारत के कण-कण में शंकर बूंद-बूंद में गंगा जल है। उन्होने कहा कि शिक्षा दीक्षा द्वारा प्राप्त ज्ञान जब तक प्रज्ञान के रूप में व्यावाहरिक धरातल पर न उतरे तब स्वावलम्बी भारत का सपना पूरा नही होगा। विद्यार्थियों से आहवान करते हुए कहा कि हमे नितियों क्रिन्यावन में समर्पित होकर कार्य करना होगा तभी समाज मे सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

माननीय कुलपति प्रो. आशा शुक्ला ने दीक्षा एवं दीक्षांत उपदेश देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को मात्र उपाधि प्राप्त प्रदान करना नही हैं वरन विद्यार्थियों में अनुशासन, धैर्य, सहअस्तित्व के जीवन मूल्यों का विकास करते हुए संस्कारों का परिष्कार भी करना है। उन्हांेने कहा कि बदलते परिवेश में सीमित संसाधनों द्वारा अनुकूल वातावरण, यूजीसी द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार उत्कृष्ट शिक्षण के लिए विश्वविद्यालय अपनी पूरी टीम के साथ सतत् प्रयत्नशील है। माननीय कुलाधिपति द्वारा इस अवसर पर बच्चों को फलों की टोकरियां देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर गांधी स्तंभ, सड़क डामरीकरण सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन किया गया जिसमें मुख्य रूप से दीक्षांत स्मारिका 2021 सहित 13 रिर्पोट का विमोचन किया गया।

धन्यवाद ज्ञापन, ब्राउस कुलसचिव प्रो. डी. के शर्मा ने किया इस अवसर पर समस्त डीन एवं अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

 

Dikshant Samaroh Video

 

 

70th Independence Day
View More
Ist Foundation Day Celebration
View More
Swachhata Abhiyan
View More
     
Other Activities
View More
Women's Day
View More